Photo: Alexis Huguet/MSF
सस्ती दवाओं के दाम बढ़ने का खतरा

सस्ती दवाओं के दाम बढ़ने का खतरा

Medical Research
April 15, 2017
India

एचआइवी के उपचार में काम आने वाली जिस दवा एंटीरेट्रोवायरल्स के लिए किसी मरीज को जहां साल भर में 10,000 अमेरिकी डॉलर तक चुकाने होते थे उसकी कीमत अप्रत्याशित रूप से घटकर 300 डॉलर के स्तर पर आ गई। इससे दुनिया भर में 1.70 करोड़ लोगों का इलाज संभव हो सका। एक प्रमुख चिकित्सा सेवा प्रदाता के तौर पर मेडिसिंस सेंस फ्रंटियर्स (एमएसएफ) अनेक बीमारियों में काम आने वाली सस्ती एवं गुणवत्तापरक दवाओं के लिए मुख्य रूप से भारत पर ही आश्रित है। एचआइवी के उपचार में भी एमएसएफ जिन दवाओं का उपयोग करता है उनमें से 97 प्रतिशत दवाओं का स्रोत भारत है। 

 

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