सस्ती दवाओं के दाम बढ़ने का खतरा

एचआइवी के उपचार में काम आने वाली जिस दवा एंटीरेट्रोवायरल्स के लिए किसी मरीज को जहां साल भर में 10,000 अमेरिकी डॉलर तक चुकाने होते थे उसकी कीमत अप्रत्याशित रूप से घटकर 300 डॉलर के स्तर पर आ गई। इससे दुनिया भर में 1.70 करोड़ लोगों का इलाज संभव हो सका। एक प्रमुख चिकित्सा सेवा प्रदाता के तौर पर मेडिसिंस सेंस फ्रंटियर्स (एमएसएफ) अनेक बीमारियों में काम आने वाली सस्ती एवं गुणवत्तापरक दवाओं के लिए मुख्य रूप से भारत पर ही आश्रित है। एचआइवी के उपचार में भी एमएसएफ जिन दवाओं का उपयोग करता है उनमें से 97 प्रतिशत दवाओं का स्रोत भारत है। 

 

Click here to read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



Show Buttons
Share On Facebook
Share On Twitter
Share On Linkedin
Contact us
Hide Buttons